नवादा जिले के सिरदला थाना क्षेत्र अंतर्गत बरदाहा गांव में मानवता और सेवा भाव की एक मिसाल देखने को मिली, जहां बिहार शरीफ़ के सुप्रसिद्ध सर्जन डॉ. सरफराज़ आलम और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शहज़ादी फातमा की ओर से अलशिफ़ा सर्जिकल एंड मैटरनिटी हॉस्पिटल के सौजन्य से एक भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।

इस स्वास्थ्य शिविर में बड़ी संख्या में जरूरतमंद, गरीब और असहाय ग्रामीणों ने भाग लिया। शिविर के दौरान विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों की निःशुल्क जांच की गई, उन्हें उचित चिकित्सकीय परामर्श दिया गया और आवश्यक दवाइयों का मुफ्त वितरण किया गया। ठंड के मौसम को देखते हुए कई जरूरतमंदों को कंबल भी प्रदान किए गए, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली।
शिविर में डॉ. सरफराज़ आलम स्वयं मौजूद रहे और मरीजों की बारीकी से जांच कर उन्हें इलाज संबंधी आवश्यक सुझाव दिए। महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में डॉ. शहज़ादी फातमा ने विशेष रूप से परामर्श दिया, जिससे ग्रामीण महिलाओं को काफी लाभ मिला।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की खुलकर सराहना की और कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहद जरूरी हैं, जहां आज भी बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीणों का कहना था कि इस तरह की सेवाएं न केवल बीमारियों की पहचान में मदद करती हैं, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाती हैं।
गौरतलब है कि डॉ. अब्दुल अज़ीज़, जो डॉ. सरफराज़ आलम के पिता थे, ने इसी गांव में लगभग 50 वर्षों तक निस्वार्थ भाव से चिकित्सा सेवाएं दी थीं। उन्हीं के सेवा संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए आज डॉ. सरफराज़ आलम समाज सेवा के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं और समय-समय पर इस तरह के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं।
इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि यदि इच्छा और सेवा भावना हो, तो चिकित्सा के माध्यम से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।






